F Hussain, YuvaAdda.com

वो दोनों सिर्फ़ दो साल से एक दूसरे को जानते थे… दोस्त नहीं कह सकते… क्योंकि फैमिली फ्रेंड जैसा मामला था. बस कभी-कभी फॉरवाडेड मैसेज़ भेज देने जैसी जान-पहचान थी. दोनों परिवार के सदस्यों के साथ शहर से बाहर गए. 10 दिन के बाद जब वापस आ रहे थे तो तब वो दोस्तों की तरह घुल-मिल गए थे.

वो 22 साल का कॉलेज स्टूडेंट था, लड़की 20 साल की थी और स्कूल पास-आउट करने के बाद कोई कोर्स कर रही थी. वापस आते हुए रास्ते में उसने जब गाने सुनने के लिए लड़के का आई-पॉड लेकर हेडफोन कान में लगाएं तो जोर से हंस पड़ी.

वो कहने लगा –क्या हुआ?

लड़की ने कहा कुछ नहीं…

वो हंसकर बोला –अच्छा गाना समझ नहीं आया. उसने मुस्कुराते हुए हम्म्म… कहा.

लड़के ने कहा फिर से सुनो… वॉल्यूम कम करो, आ जाएगा समझ. वो ज़रा सा सुनती और लिरिक्स उसे बताकर कन्फर्म करती यही है ना? इस तरह एक सॉन्ग को सुनने में आधा घंटा लगा.

इस बीच वो दोनों ट्रेन के दरवाज़े पे बैठे हेडफोन का एक-एक वायर अपने-अपने कान में लगाए अपनी ज़िदगी के बेहतरीन लम्हे जी रहे थे. (इस बीच लड़की का दिमाग़ इंग्लिश लिरिक्स समझ रहा था और लड़के का…. ख़ुदा जाने या वो)

अचानक ट्रेन रुकी. हाथ में लगेज़ बैग थामे एक मुसाफिर ने अंदर आते हुए दोनों से कहा –अरे! कितने क्यूट कपल हो… दरवाज़े पर क्यूं बैठे हो? इतना कहकर अंदर चला गया.

लड़की गुस्से में बोली, कहना चाहिए था ना उसको हम कपल नहीं हैं. लड़का हंसते हुए बोला –लिरिक्स सुनो… आगे के सॉन्गस और भी अच्छे हैं.

लड़की ने मुंह बनाते हुए  ‘हूं….’ कहा और हैडफोन कान में लगाकर फिर लिरिक्स सुनकर उससे कन्फर्म करने लगी. इस बार दोनों वायर अपने कानों में लगाए (नख़रे में)

अब सालों बाद दोनों अपने-अपने करियर की शुरुआती सीढ़ी पर हैं और सच में कपल हैं. वह अक्सर उससे कहती है –दिल में तो तुम्हारे तभी चोर था… इसलिए उस मुसाफिर से नहीं कहा था ‘हम कपल नहीं हैं.’ शायद यहीं से उनका कुछ-कुछ शुरू हुआ था.

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