F Hussain, YuvaAdda.com

नए-नवेले प्रेमी को शादी-ब्याह का माहौल मिल जाए तो उसके प्यार को पंख लग जाते हैं. ख़ुद को प्रेमिका के साथ रखकर मन सारी रस्में निभा लेता है.

ना जाने कबसे वो उसे बढ़े अरमानों से ताक रहा था. जो उसके लिए ख्वाब बन गई थी. निभाई जा रही रस्म-ए-हल्दी में सभी लोग हंसी मज़ाक में मशरूफ थे.  वो ‘गहरी भूरी आंखों’ वाला भीड़ से थोड़ी दूर सूकून से खड़ा था. उसी भीड़ में गहरे लाल रंग का सूट पहने खड़ी, हंसती-खिलखिलाती अपने ख़्वाबो की परी को छुप-छुप के देख रहा था. जैसे उन होठों पर उसकी दुनिया मुस्कुरा रही हो.

माहौल को थोड़ा और खुशनुमा बनाने के लिए किसी ने गुलाल उड़ा दिया था. सभी अपने को रंग से बचाने के लिए इधर-उधर जाने लगे. पर वह थोड़ी दूर खड़ा टस से मस ना हुआ. बस अपनी सहुलियत के हिसाब से थोड़ा इधर-उधर झुककर उसे ताक रहा था, कभी ज़्यादा झुकता कभी कम. जैसे ही वो दिख जाती उसकी मशक्कत का फल उसे मिल जाता.

कम से कम 10-15 बार उसे इसी तरह करते हुए उसने (जिसे वो देख रहा था) देख लिया था. वो उसके इश्क़ से अंजान ये पता लगाने की फिराक में कि आखिर ये देख किसे रहा है ? ताकि बाद उसे ब्लैकमेल कर सके.

सब कुछ फिल्म के सीन जैसा परफेक्ट था. वो उड़ता गुलाल, उसका छुप छुप कर देखना. इस लम्हें में उस गहरी भूरी आंखों वाले के लिए सिर्फ उसका अक्स ही कलरफुल था. बाकी दुनिया ब्लैक एंड व्हाइट.

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