Dr. Sangya Upadhyaya For YuvaAdda.com

दिल्ली युनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. संज्ञा उपाध्याय एज्यूकेशन में आए बदलाव बता रही हैं. संज्ञा कहती हैं, बदलते साधन और बेहतर सुविधाओं के साथ आज के युवा की पहुंच बहुत सारे साधनों तक है. वो सोशल मीडिया के नज़दीक गया है लेकिन किताबों से दूरी बड़ी है.

क्लासरूम में चलते डिस्कशन में वो स्टूडेंट्स बहुत अच्छी तरह से बात कर पाते हैं जो इस तरह से जागरुक हैं कि उनके पास सिर्फ सूचनाओं का अंबार नहीं है. उन्होंने गंभीर रूप से किताबें भी पढ़ी हैं. सोशल मीडिया पर हैं तो सिर्फ चैट नहीं करते हैं, गंभीर ब्लॉग भी पढ़ते हैं. उनसे जुड़े सवाल भी लेकर आते हैं. आज का युवा अपने आस पास के प्रति ज्यादा सचेत है.

कुछ वक्त से जिस तरह के बदलाव युनिवर्सिटी में हो गए हैं उसके चलते स्टूडेंट्स के पास समय नहीं है. बदलाव, जैसे कि अब एक सेमेस्टर में सात उपन्यास पढ़ने हैं जिसकी वजह से डिस्कशन का समय कम होता जा रहा है. हमारे वक्त में इन सब चीज़ों के लिए खूब टाइम हुआ करता था. आज का युवा जानकारियों से भरा हुआ है बस मुझे उसमें गंभीर परिपेक्ष्य की कुछ कमी सी लगती है.

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