करियर का सही चयन आपको आसमान की बुलंदियों तक पहुंचा सकता है, लेकिन सही चयन तभी संभव है, जब आप अपनी दिलचस्पी, पर्सनालिटी और ख़्वाहिशों से भली-भांति परिचित हों. करियर के चयन में किन बातों का विशेष रुप से ध्यान रखना ज़रूरी है, इस पर अफ़रोज़ आलम साहिल की रिपोर्ट…

जीवन में कुछ परिस्थितियां ऐसी आती हैं, जब अत्यंत सावधानी बरतने, सोचने और सब्र से काम लेने की ज़रूरत होती है, उन्हीं में से एक है –‘करियर का चयन’. यह वह समय है, जिस पर भविष्य का दारोमदार होता है. करियर का उपयुक्त चयन आपको बुलंदियों तक पहुंचा सकता है, लेकिन करियर का उपयुक्त चयन तभी संभव है, जब आप अपनी दिलचस्पी, पर्सनालिटी और ख्वाहिशों से भली-भांति परिचित हों. करियर के चयन से पूर्व इन 5 बातों पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है.

विकल्प: करियर चयन में सबसे पहले जिस बात पर ध्यान देना आवश्यक है, वह है –‘विकल्प या ऑब्जेटिव्स’ यानी आपने जो शिक्षा हासिल की है, उसके आधार पर किन-किन क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं. आपको यह कोशिश करनी चाहिए कि आप उन सभी संभावित विकल्पों की सूची तैयार करें. सूची तैयार करने के पश्चात आप यह पता करें कि इनमें किस प्रकार प्रवेश लिया जा सकता है. इसके लिए कौन से कोर्स करने होंगे? ये कहां से किए जा सकते हैं? इनमें कितने वर्ष लगेंगे? इसके लिए कितने धन की आवश्यकता है? इन कोर्सेस में प्रवेश प्रक्रिया कब आरम्भ होती है… आदि.

कार्य का सही रूप-रेखा का ज्ञान: विकल्पों से परिचित होने के बाद जिस तथ्य पर ध्यान देना आवश्यक है, वह है –‘कार्य की सही रूप-रेखा की जानकारी’. इसका अर्थ है कि क्षेत्र विशेष को चुनने के बाद मुझे किस प्रकार कार्य करना होगा. मेरे कर्तव्य व अधिकार क्या होंगे? कार्य का स्तर क्या होगा? मुझे किसी के अधीन रहकर काम करना होगा या स्वतंत्र रूप से? मेरा काम मैनेजमेंट का होगा या प्रोडक्शन का? मुझे न्यूनतम दक्षता वाले काम करने होंगे या अधिकतम? काम का आधार क्वांटिटी पर होगा या क्वालिटी पर? इन सभी तथ्यों की जानकारी ज़रूरी है.

दिलचस्पी: बेहतर करियर के लिए उपर्युक्त तथ्यों का आपकी दिलचस्पी से मिलान भी आवश्यक है, क्योंकि किसी की कामयाबी में उसकी दिलचस्पी का बहुत बड़ा योगदान होता है. इतिहास गवाह है कि उन लोगों को कामयाबी जल्दी मिली है, जिन्होंने अपनी दिलचस्पी को पेशे में परिवर्तित किया. चाहे वे कंप्यूटर सम्राट ‘बिलगेट्स’ हों या फिर अर्थशास्त्री ‘अमर्त्य सेन’. अपनी दिलचस्पी के बारे में जानकारी चाहते हो तो अपने दैनिक जीवन पर नज़र डालें और अध्ययन करके तय करें कि आपकी खास दिलचस्पी किस क्षेत्र में है? जिस क्षेत्र में आप अपने आपको ज़्यादा सहज और बेहतर पाते हों, उसको ही अपने करियर के रूप में चुनें.

व्यक्तित्व: करियर के चयन में व्यक्तित्व का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसलिए आपको अपने व्यक्तित्व का भली-भांति ज्ञान होना चाहिए, अन्यथा आप ग़लत करियर चुन कर धन, श्रम और समय बर्बाद करने के सिवा कुछ हासिल नहीं कर सकते. आपकी पर्सनालिटी कैसी है? आप क्रिएटिव पर्सनालिटी रखते हैं या फिर सोशल, आर्टिस्टिक पर्सनालिटी रखते हैं या मैकेनिकल या एडमिनिस्ट्रेटिव… आपकी पर्सनालिटी ही आपको क्षितीज तक पहुंचा सकती है. यदि आप क्रिएटिव पर्सनालिटी रखते हैं तो आपको मास कम्यूनिकेशन, डीजाइनिंग, आर्किटेक्चर आदि के क्षेत्र में करियर चुनना चाहिए. यदि आप सोशल पर्सनालिटी रखते हैं तो आपके लिए जर्नलिज़्म, सोशल वर्क, पब्लिक रिलेशंस और इंटरनेशनल रिलेशन आदि क्षेत्र उपयुक्त होंगे और यदि आप आर्टिस्टिक पर्सनालिटी रखते हैं तो आपके लिए ललित कला पेंटिंग अथवा नाट्य कला के क्षेत्र में करियर बनाना फायदेमंद साबित हो सकता है.

रोज़गार की संभावनाएं: विकल्प, कार्य की रूप-रेखा और इन दोनों का आपकी दिलचस्पी व पर्सनालिटी से मिलान के उपरांत रोज़गार की संभावनाओं को भी मद्देनज़र रखना चाहिए. आप जो भी क्षेत्र अपने लिए चुन रहे हों, वह अप्रचलित नहीं होना चाहिए. उस क्षेत्र में रोज़गार की संभावनाएं हैं या नहीं? उससे आपको कितनी आमदनी होगी? आपका खर्च चल सकेगा या नहीं? कोई भी ऐसा क्षेत्र हरगिज़ न चुनें, जो आपको मानसिक एवं आर्थिक सुकून न दे सके.

यदि आपने करियर के चयन में उपर्युक्त बातों पर सोच-विचार कर फैसला लिया तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता…

और हां! हमेशा याद रखें कि –‘भीड़ के पीछे भागने से बचें’. शंकाओं के समाधान के लिए जहां तक हो सके इंटरनेट का प्रयोग करें या करियर काउंसलर से मिलें.

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