YuvaAdda Desk

साइंस स्ट्रीम के बाद दूसरे नंबर सबसे ज्यादा बच्चे जिस स्ट्रीम को चुनते हैं, वो कॉमर्स ही है. कॉमर्स बेसिकली बिजनेस की समझ, बाजार के उतार-चढ़ाव, इकॉनॉमी की जानकारी, मौद्रिक और औद्योगिक नीतियों के बारे में है. आपके पास गणना की अच्छी क्षमता है. आपमें गणनाएं करने के साथ आंकड़ों को समझाने का हुनर है. बजट, व्यापार की खबरों और आर्थिक समीक्षाओं को पढ़ते हैं तो आप कॉमर्स में पढ़ाई कर उसमें करियर बनाने में दिलचस्प हैं.

12th के बाद ये कोर्स कर सकते हैं

1. फाउंडेशन (सीए, आईसीडब्ल्यूए, सीएस) , 2. लॉ (5 साल), 3. कंप्यूटर इनरिचमेंट कोर्स (अल्प अवधि का)

ग्रेजुएशन के बाद इन सब्जेक्ट्स में कर सकते हैं स्पेशलाइजेशन कोर्स

1. कॉस्ट अकाउंट, 2. सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस, 3. मार्केटिंग, 4. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन

पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स

1. एम.कॉम., 2. इंटरनल/एक्सटर्नल, 3. एमबीए

स्पेशलाइजेशन कोर्स

1. फाइनेंस, 2. मार्केटिंग, 3. सिस्टम्स, 4. इंटरनेशनल ट्रेड, 5. सीए, 6. आईसीडब्ल्यूए, 7. सीएस, सीएफए डिप्लोमा, 8. बैंकिंग, 9. टैक्सेशन

एक नजर कॉमर्स में पढ़ाए जाने वाले सब्जेक्ट्स पर

बिजनेस इकोनॉमिक्स- इसमें लॉ ऑफ डिमांड एंड सप्लाई, लॉ ऑफ रिटर्न्सर, इलास्टिसिटी, थ्योरी ऑफ प्राइसिंग अंडर डिफरेंट मार्केट फॉर्म्स से जुड़े कॉन्सेप्ट के बारे में पढ़ाया जाता है.

कॉस्ट अकाउंटिंग- इसमें जॉब एंड कॉन्ट्रैक्ट कॉस्टिंग, ओवरहेड्स कॉस्टिंग, स्टैंडर्ड एंड वेरिएंस कॉस्टिंग और बजट कंट्रोल से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में ट्रेनिंग दी जाती है.

ऑडिटिंग- इसमें वैल्यूएशन, वाउचिंग ऑफ ट्रांजेक्शन, एसेट्स एंड लाइबिलिटी आदि से जुड़े मामलों के बारे में बताया जाता है. इसमें क्लब, हॉस्पिटल और चैरिटेबल संस्थानों जैसे संगठनों की ऑडिटिंग के बारे में भी सिखाया जाता है.

फाइनेंशियल अकाउंटिंग- इसमें प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट, बैलेंस शीट, कंपनी अकाउंट, कैलकुलेशन ऑफ डेप्रिशिएशन एंड वैल्यूएशन ऑफ शेयर, गुडविल ऑफ कंपनी और नॉलेज ऑफ अकाउंटिंग स्टैंडर्ड (इंडिया/ इंटरनेशनल) आदि के बारे में जानकारी देता है.

बिजनेस फाइनेंस- इसमें फाइनेंशियल एनालिसिस और मैनेजमेंट ऑफ कैपिटल जैसी व्यापारिक दुनिया की बुनियादी बातें समझाई जाती हैं.

इनकम टैक्स- इसमें इनकम टैक्स, टैक्स प्लानिंग, टैक्स डिडक्शन और नॉट टैक्सेबल इनकम के बारे में और टैक्स से जुड़ी कानूनों की जानकारी दी जाती है.

बिजनेस लॉ- बिजनेस से जुड़े देश के अमूमन सभी कानून इस सब्जेक्ट के कोर्स के अंडर आते हैं. कंपनीज एक्ट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट कानूनों को खासकर इसमें पढ़ाया जाता है.

मार्केटिंग- इसमें प्रोडक्ट, प्राइसिंग मेथड, प्रोमोशन, डिस्ट्रिब्यूशन चैनल और लॉजिस्टिक्स आदि के बारे में बताता है.

बिजनेस कम्यूनिकेशन- इसमें बिजनेस से जुड़ी बातचीत को निखारने पर ध्यान दिया जाता है, इसके जरिए बिजनेस में काम आने वाले बिजनेस लैटर, नोटिस और मेमो को तैयार करने की कला सिखाई जाती है.

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