बुधवार दिनांक 08 मार्च 2017 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘द ओरिजिन’ (जो कि एक गैर सरकारी संस्था है) के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम जामिया नगर में स्थित होटल ‘आई सी’एस’ में आयोजित था. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना था. साथ ही साथ निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ, जो खासकर लड़कियों तथा महिलाओं के लिए थी, एक बड़ी संख्या में लड़कियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में जामिया नगर के आस-पास की महिलाएं मौजूद थी.

‘द ओरिजिन’ के प्रेसिडेंट शारिक़ नदीम और प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर अफ़शां खान बताती हैं कि इस प्रोग्राम का सफल आयोजन करने के लिए वह 2 महीने से मेहनत कर रहे थे. कार्यक्रम में मौजूद स्पीकर्स में मशहूर जर्नलिस्ट जया निगम, शबनम शाहिद (जनरल सेक्रेटरी, द ओरिजिन), सारिका चौधरी (सदस्य महिला आयोग, नई दिल्ली) और अनीदा सैफी युवा अड्डा से शामिल थी.

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इस कार्येक्रम में महिलाओं ने पूरी भागीदारी की और साथ ही साथ अपने विचार दर्शकों के सामने रखे. यहाँ हर महिला के साथ एक ही परेशानी दिखी और एक आत्मविश्वास भी.

(L-R) Sharique Nadeem,President at The Origin, Sarika Chaudhary, Member at Delhi Commission for Women, Shabnam Shahid, General Secretary at The Origin and Anida Saifi, Founder Yuvaa Adda...
(L-R) Sharique Nadeem,President at The Origin, Sarika Chaudhary, Member at Delhi Commission for Women, Shabnam Shahid, General Secretary at The Origin and Anida Saifi, Founder Yuvaa Adda…

स्पीकर में से सबसे पहले जया निगम ने ‘द ओरिजिन’को बधाई देते हुए कहा “एनजीओ का उद्देश्य होता है समाज के विभिन्न मुद्दों पर काम करना. आपकी संस्था ने यह कार्य बहुत अच्छे से किया है इसके लिए मैं बधाई देती हूँ.”

उन्होंने महिलाओं के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि एक महिला को हमेशा संघर्ष करना पड़ता है और यह लड़ाई उसके परिवार और शिक्षा संस्थानों से लेकर प्रशासन तक जारी रहती है.

वहीँ शबनम शाहिद ने महिलाओं की भूमिकाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बहुत जगह पर पुरुष भी महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन सिर्फ़ पब्लिक प्लेस पर, घर जाकर उनका रवय्या वही रहता है. आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज का स्तंभ हैं और महिलाओं के बिना पुरुषों का जीवन शुन्य है.

प्रोग्राम में मौजूद दर्शक...
प्रोग्राम में मौजूद दर्शक…

अगली स्पीकर अनीदा सैफी ने अपनी वेबसाइट के बारे में बताते हुए शुरुआत की और बताया कि कैसे वह तीन लड़कियां मिलकर एक वेबसाइट चला रही हैं और समाज की रूढ़िवादी सोच को चुनौती दे रही हैं. साथ ही साथ वो सभी अभिभावकों से यह भी अनुरोध करती हैं कि वो अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ा-लिखा कर उन्हें सपोर्ट करें, ताकि वह कल को अपने पैरों पर खड़ी हो सके और आगे बढ़ते हुए समाज सुधारक बन सकें.

आखिर में सारिका चौधरी जो नई दिल्ली महिला आयोग की सदस्या हैं, ने अपनी निजी ज़िन्दगी से जुड़े कई किस्से सुनाएं. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि वह चम्बल जैसी जगह से ताल्लुक रखती हैं, जहाँ पर 6ठी कक्षा में आने के बाद लड़कियों की शादी की तय्यारी शुरू हो जाती है. लेकिन उन्होंने उसी माहौल में ही रहते हुए अपनी शिक्षा को पूरा किया और आज वह महिला आयोग की सदस्य हैं.

चुकीं महिला दिवस का मौका था तो निबंध प्रतियोगिता का विषय भी महिलाओं से जुड़ा हुआ था ‘हर्डल इन माई ड्रीम्स’ (मेरे सपनों में रुकावट). जिसका सीधा ताल्लुक महिलाओं से जुडी समस्याओं से था. एक अच्छी संख्या में लड़कियों ने इसमें हिस्सा लिया और अपनी भावनाओँ को सबके सामने रखा. अफ़शां खान ने लड़कियों के विचारों की प्रशंसा करते हुए स्पीकर्स, गेस्ट्स और प्रेजिडेंट (द ओरिजिन) के द्वारा प्रतियोगिता में जीती 20 लड़कियों को पुरस्कृत भी किया गया.

 युवा अड्डा इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर था.

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