Don’t remind me every time that I am a Girl

Anshul Ghiloria Almost every woman, every girl child at some point has faced discrimination. She has at some point feared the society. I am proud of the parents who scold their sons as much as...

Memories take us back, dreams takes us forward…

Hadia Mansoor for YuvaAdda As life begins initially it seems so smooth to look at it. A father who treats his daughter no less than a princess who adores her for everything and a loving...

Let me paint the picture of my dream…

Akanksha Pandey for YuvaAdda I see dreams. Almost every night. I enjoy the anticipation of dreaming, of hazily remembering some of the details and mostly making up most of them in my re-collection of dreams....

ओडोमास…

Faizyab Khan for YuvaAdda महेश घर में घुसते ही, प्रिया! 'आज की गोष्ठी बहुत सफ़ल रही, मेरी कविता के सामने सबकी कविताएं फ़्लाॅप हो गई.’ प्रिया तो वैसे भी चोट के कारण ग़ुस्से में भरी...

निजता के अधिकार पर बहस से पहले इसे ज़रूर पढ़ लें…

Afshan Khan, YuvaAdda.com मुझे याद है कि मीडिया में एक दौर आया था स्टिंग ऑपरेशन का. तब शायद देश के ज़्यादातर नेताओं ने आवाज़ उठाई थी कि ये हमारे ‘निजता के अधिकार’ का हनन है....

वन्दे मातरम कहो नहीं तो गद्दार क़रार दिए जाओगे…

Afshan Khan, YuvaAdda.com देश बदल रहा है. और इस बदलते माहौल में देशभक्ति का ठेका उन लोगों के हाथ में जो अंग्रेज़ों के दलाल थे. मुल्क के गद्दार थे. जिनका आज़ादी की लड़ाई में कोई...

जामिया में राजनीतिक इफ़्तार पार्टी के ख़िलाफ़ छात्रों की उठती आवाज़

मीरान हैदर कल से मेरे ज़ेहन में ये बात घूम रही है कि ओखला विधायक और अबुल फ़ज़ल वार्ड के काउंसलर ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 15 जून को जो इफ्तार पार्टी रखी है, वो...

क्या आपने भी अपने मां-बहन को घर में क़ैद कर रखा है?

Fatima Farheen for YuvaAdda.com हाल ही मुझे जानी-मानी फिमिनिस्ट कमला भसीन के एक सेमिनार में शामिल होने का मौक़ा मिला… कमला भसीन ने लेक्चर में जो बातें कहीं उसको शामिल करते हुए मैं अपनी बात...

सपने…

Sharjeel Jamshedpuri for Yuvaadda.com मैंने सुबह देखा शाम देखा इन ख्वाबो को सरे आम देखा आसमां की बुलंदी, अहसास का समुन्दर न जाने इन आँखों ने क्या क्या पैगाम देखा पलक झपकते ही बिखर गए सारे मैंने खुली आँखों से...

खुशियों का पिटारा…

दिल करता है वही बचपन लौट आए पानी में तैरती कश्ती हम फिर बनाएं तितली जुगनूं संग उड़ते जाएं ज़िंदगी की उलझने हमें छू भी न पाएं बेफिक्री की ज़िंदगी जीते जाएं दिल करता है वही बचपन लौट आए पानी...