Arshad Misal, YuvaAdda

नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली को लेकर छात्रों ने अब कमर कस ली है और अब बड़े आन्दोलन के मूड में हैं.

आन्दोलन की शुरूआत छात्र आज यानी 5 अक्टूबर को जामिया कैम्पस में मार्च के ज़रिए करेंगे. यह मार्च  1 बजे दिन में सेंट्रल कैन्टीन से वाईस चांसलर ऑफिस तक जाएगा.

बताते चलें कि जामिया के छात्रों द्वारा सभी छात्र दलों को मिलाकर एक ज्वाइंट कमिटी का गठन किया गया है. इस कमिटी में सभी छात्र दलों से एक-एक प्रतिनिधी को शामिल किया गया है.

इतना ही नहीं, इस मार्च के लिए पिछले 28 सितम्बर से सिग्नेचर कैम्पेन भी चलाया जा रहा है, जो कल ज्ञापन के साथ जामिया के वाइस चांसलर को सौंपा जाएगा.

बताते चलें कि जामिया के मौजूदा वाईस चांसलर तलत अहमद कहते आए हैं कि, यह मामला न्यायालय में है. आप न्यायालय से अनुमति दिलवाइये हम बहाल कर देंगे. लेकिन दरअसल सच्चाई यह है कि अदालत में मामला छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर ही है और अदालत ने भी जामिया से इस संबंध में जवाब देने को कहा है.

जामिया के छात्रों का कहना है कि छात्र संघ हमारी मांग ही नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार भी है.

गौरतलब है कि जामिया में आठ साल के बाद दिसंबर 2005 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे, लेकिन मार्च 2006 में छात्रसंघ को भंग कर दिया गया. उसके बाद से अब तक चुनाव नहीं कराए गए हैं. ख़ास बात यह है कि वाइस चांसलर कई बार यह भी कह चुके हैं कि वे भी छात्रसंघ की बहाली के पक्षधर हैं और छात्रों की मांग पर विचार किया जाएगा. लेकिन फिर यह कहते हुए छात्रों की इस मांग को टाल देते हैं कि मामला अभी न्यायालय में चल रहा है.

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